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गाजीपुर: हमीद सेतु पर मौत की छलांग, लेकिन 'देवदूत' बने मछुआरों ने बचा ली जान

गाजीपुर। जनपद के सुहवल थाना क्षेत्र स्थित हमीद सेतु आज एक बड़ी अनहोनी का गवाह बनते-बनते रह गया। पारिवारिक विवाद की कड़वाहट ने एक 17 वर्षीय छ...

गाजीपुर। जनपद के सुहवल थाना क्षेत्र स्थित हमीद सेतु आज एक बड़ी अनहोनी का गवाह बनते-बनते रह गया। पारिवारिक विवाद की कड़वाहट ने एक 17 वर्षीय छात्रा को इस कदर आहत किया कि उसने गंगा की लहरों में अपनी जीवनलीला समाप्त करने के लिए सेतु से छलांग लगा दी। हालांकि, मौके पर मौजूद नाविकों और मछुआरों की जांबाजी और पुलिस की त्वरित सक्रियता ने मौत के मुंह में समा रही किशोरी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
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कलह की आग और 'अभिमान' की चोट

पड़ताल में सामने आया है कि घटना की जड़ें घर के भीतर हुए एक मामूली विवाद में छिपी थीं। जानकारी के अनुसार, सुहवल क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली इस किशोरी के घर में भाई और भाभी के बीच तीखी तकरार हो रही थी। जब छात्रा ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराने की कोशिश की, तो उसे न केवल फटकारा गया बल्कि 'दखल न देने' की हिदायत देकर वहां से जाने को कह दिया गया। अपनों की यही कड़वी बातें किशोर मन पर गहरा घाव कर गईं।

4 किलोमीटर का सफर और आत्मघाती फैसला


घर से दुकान जाने का बहाना बनाकर निकली यह छात्रा करीब 4 किलोमीटर पैदल चलकर हमीद सेतु पहुँची। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, उसने रेलिंग के सहारे गंगा नदी में छलांग लगा दी। किशोरी को गिरता देख किनारे मौजूद नाविकों ने बिना समय गंवाए नदी में छलांग लगा दी और कड़ी मशक्कत के बाद उसे अचेत अवस्था में बाहर निकाला।

पुलिस की संवेदनशीलता और सकुशल वापसी


सूचना मिलते ही सुहवल प्रभारी थानाध्यक्ष नागेश्वर शुक्ला पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। अचेत किशोरी को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उसकी स्थिति में सुधार हुआ। होश में आने के बाद जब उसने अपनी आपबीती सुनाई, तो मौके पर मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद किशोरी को समझा-बुझाकर उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।